Holi Kab Hai

होली कब है: भारतीय रंगों के त्योहार की प्रतीक्षा

परिचय:
होली भारत में मनाया जाने वाला एक प्रमुख त्योहार है, जो पूरे देश में खुशियों का महापर्व है। यह हिन्दू धर्म के अनुयायों द्वारा मनाया जाता है और सालाना फाल्गुन मास के पूर्णिमा को धूमधाम से मनाया जाता है। यह विशेष तौर पर रंगों के साथ खेलने और गुलाल फेंकने के लिए मशहूर है। होली कब है यह सवाल हर साल लोगों के मन में उठता है। तो चलिए, इस लेख में हम जानते हैं कि होली कब है और इस त्योहार के पीछे की कुछ रोचक बातें।

होली का महत्व:
होली के महत्व को समझने के लिए हमें प्राचीन भारतीय संस्कृति की ओर देखना चाहिए। यह त्योहार बसंत पंचमी के बाद मनाया जाता है और यह संक्रांति के बाद आता है, जब मौसम बहुत सुहावना होता है। इसलिए, होली वसंत ऋतु के आगमन का संकेत माना जाता है। यह त्योहार खुशी, मित्रता और एकता का प्रतीक है।

होली कब है:
होली की तारीख हर साल बदलती है, यह चांदीगढ़ के अनुसार संगठित होती है। इसलिए, होली की तारीख वर्ष के अनुसार अलग-अलग होती है। होली के दिन पूरे देश में उत्साह के साथ मनाया जाता है। इस वर्ष, होली 29 मार्च 2021 को मनाई जाएगी। यह तारीख चंडीगढ़ के प्राथमिक विद्यालय परिषद् द्वारा जारी की गई है।

होली के पीछे की कहानी:
होली के पीछे कई प्राचीन कथाएं और वृत्तांत हैं, जिनमें से एक प्रमुख कथा है प्रह्लाद और हिरण्यकश्यप की कथा। अनुसार, हिरण्यकश्यप एक राक्षस राजा था जिसने अपनी प्राणी बन्धुत्व को भगवान विष्णु की प्रतीक्षा के रूप में देवताओं से भी ऊंचा माना। हिरण्यकश्यप का एक पुत्र प्रह्लाद था जो भगवान विष्णु के विश्वास में बड़ा विश्वास रखता था। हिरण्यकश्यप ने प्रह्लाद को विष्णु भक्ति से बाहर निकालकर उसे नारायण-नाम की प्रार्थना करने से रोकने का प्रयास किया, लेकिन प्रह्लाद ने इसे इंकार कर दिया। इस परिस्थिति में हिरण्यकश्यप ने अपनी बहन होलिका की सहायता ली, जो वरदान प्राप्त किया था कि वह आग में जलने के बावजूद अपने ऊपर किसी को नहीं जला सकती है। लेकिन अन्य ओर, प्रह्लाद ने भगवान की शरण में जाने का निर्णय किया और होलिका को चकाया गला दिया गया। इसलिए होली मनाने का अंदाज़ रंगों के साथ खेलने का है, लेकिन इसका मतलब उठाने का भी होता है कि अच्छाई और सत्य पर विजय होती है।

होली के त्यौहार की तैयारी:
होली के त्योहार की तैयारी आमतौर पर एक सप्ताह पहले शुरू हो जाती है। लोग घरों और अपने आस-पास के इलाकों को सजाते हैं, खासकर यह त्योहार बच्चों के लिए बहुत रोचक होता है। घरों को रंगीन बनाने के लिए लोग गुलाल, अबीर, पिचकारी, और रंगों की खरीदारी करते हैं। इसके अलावा, खाने के सामग्री और मिठाईयों की तैयारी भी शुरू हो जाती है। बाजारों में विभिन्न रंगों की गोलीयों और पक्के गुब्बारे आसानी से मिल जाते हैं।

होली का आगाज:
होली के पहले दिन, लोग होली के लिए इशारों से बाजारों में एकत्र होते हैं। इस दिन को होलिका दहन के रूप में भी जाना जाता है। होलिका दहन रात में होता है, जब लोग एकत्र होते हैं और एक बड़े बोनफायर के आसपास गाने गाते हैं। इस बोनफायर को होलिका दहन कहा जाता है और यह राक्षस होलिका की तार की याद दिलाने के लिए जलाया जाता है। लोग इस रंगबिरंगे आग के आसपास नाचते हैं और दोस्तों और परिवार के साथ मिठाई खाते हैं।

होली का खेल:
होली के दूसरे दिन, लोग रंगों के साथ खेलने के लिए तैयार हो जाते हैं। इस दिन, लोग गुलाल और रंगों की गोली एक दूसरे पर फेंकते हैं और एक दूसरे के चेहरे पर रंग लगाते हैं। लोग एक-दूसरे को गुलाल से रंगते हैं और रंगों के बाद अबीर और रंगों से चित्र बनाते हैं। यह खेल गलियों, मोहल्लों, और बाजारों में होता है। लोग अपने दोस्तों और परिवार के साथ मिठाईयां बांटते हैं और एक-दूसरे के घर जाते हैं और रंग लगाते हैं।

होली के साथ मनाने का अहम तत्व:
होली एक समाजिक त्योहार है जो सभी वर्गों, जातियों, और धर्मों के लोगों को एकजुट करता है। यह त्योहार भारतीय संस्कृति का महत्वपूर्ण हिस्सा है और लोग इसे बड़ी धूमधाम और उमंग के साथ मनाते हैं। होली के दौरान, लोग अपने रिश्तेदारों, मित्रों, और पड़ोसियों के साथ मिलते हैं और एक दूसरे को रंग लगाते हैं। यह त्योहार दूसरों के साथ मिलने और भारतीय संस्कृति को मान्यता देने का एक अच्छा मौका है।

संक्षेप में कहें तो, होली एक ऐसा त्योहार है जो रंगों, उमंग, और बिंदासी के साथ मनाने का मौका देता है। इस त्योहार को लोग धूमधाम से मनाते हैं और रंगों के साथ खेलते हैं। होली की तारीख हर साल बदलती है, लेकिन इस वर्ष होली 29 मार्च 2021 को मनाई जाएगी। इस त्योहार का महत्व भारतीय संस्कृति में बहुत अधिक है और लोग इसे खुशी, मित्रता, और एकता का प्रतीक मानते हैं। होली के दौरान लोग अपने रिश्तेदारों, मित्रों, और पड़ोसियों के साथ मिलते हैं और रंग लगाते हैं। यह त्योहार भारतीय संस्कृति का महत्वपूर्ण हिस्सा है और इसे देश भर में बड़ी हर्षोल्लास के साथ मनाया जाता है।