Diwali Kab Hai

दिवाली, जिसे हम शुभ दीपावली के नाम से भी जानते हैं, भारतीय उपमहाद्वीप के एक प्रमुख त्योहार है। यह हर साल अक्टूबर और नवम्बर के बीच मनाया जाता है। इस त्योहार को यहां हर्षोल्लास, धूमधाम और रंग-बिरंगे आकर्षक दीपों के साथ मनाया जाता है। यह एक पाक हिन्दू त्योहार है जो प्रत्येक वर्ष बड़े उत्साह के साथ मनाया जाता है। वैसे तो इसे हर साल विभिन्न तारीखों पर मनाया जाता है, लेकिन चंद्र ग्रहण के अनुसार इसकी तारीख बदलती है।

दिवाली कब है?

दिवाली त्योहार की तारीख हर साल नवंबर महीने की अंतिम चार दिनों तक मनाई जाती है। इस वर्ष, दिवाली 4 नवंबर 2021 को मनाई जाएगी। यह त्योहार प्रतिष्ठानपूर्ण रूप से भारत भर में मनाया जाता है, जहां लोग इसे धूमधाम और रंग-बिरंगे दीपों के साथ उत्साहपूर्वक मनाते हैं। दिवाली एक पाक हिन्दू त्योहार होने के साथ-साथ इसे अन्य धर्मों के लोग भी धूमधाम से मनाते हैं।

दिवाली का महत्व

दिवाली का महत्व धार्मिक, सामाजिक और सांस्कृतिक दृष्टिकोण से बहुत अधिक है। यह त्योहार मां लक्ष्मी, धन और समृद्धि की देवी की पूजा के रूप में मनाया जाता है। लोग इस दिन अपने घरों को सजाते हैं, उन्हें दीपों से जगमगाते हैं और उत्साहपूर्वक अपने परिवार के साथ मिठाईयों का स्वाद लेते हैं। यह एक रंगीन त्योहार है जहां लोग आपस में गिले-शिकवे भूलकर एक दूसरे के साथ प्यार और भाईचारे का महसूस करते हैं।

दिवाली का इतिहास

दिवाली का इतिहास हमारी प्राचीनता तक जाता है। हिन्दू धर्म के अनुसार, दिवाली के अवसर पर भगवान श्रीराम अयोध्या से अपने वनवास से लौटे थे। उनके लौटने की खुशी में उनके निवास स्थान अयोध्या को दीपों से सजाया गया था। इसी कारण से दिवाली को अयोध्या में बड़े धूमधाम से मनाया जाता है।

दिवाली के आयोजन

दिवाली के आयोजन भारत भर में आम तौर पर एक सप्ताह के अंदर शुरू होते हैं। लोग इसे अपने घरों को सजाने, उन्हें दीपों से सजाने और उत्साह से मनाने का अवसर मानते हैं। इसे धनतेरस के दिन शुरू करके दिवाली के दिन समाप्त किया जाता है।

दिवाली के रंग-बिरंगे दीप

दिवाली के दिन लोग अपने घरों की सजावट के लिए विभिन्न प्रकार के दीपों का उपयोग करते हैं। इन दीपों को घर के दरवाजों, खिड़कियों और अंदर के कमरों में रखा जाता है। ये दीप घर को आनंदमय और सुरमय बनाते हैं। इसके साथ ही लोग अपने घरों को खूबसूरत रंगों से सजाते हैं। वे घर की सजावट के लिए तोरण, आभूषण, चंदनी के दाग, रंगोली आदि का भी इस्तेमाल करते हैं।

दिवाली के मिठाई और खाने का आनंद

दिवाली को मिठाईयों का त्योहार भी कहा जाता है। लोग इस अवसर पर विभिन्न प्रकार की मिठाईयों का आनंद लेते हैं। इनमें से कुछ प्रमुख मिठाईयाँ जैसे कि लड़ू, जलेबी, गुलाब जामुन, काजू कतली, बर्फी आदि हैं। इसके अलावा लोग विभिन्न प्रकार के खाने भी बनाते हैं और अपने परिवार के साथ खुशियों की मिठास में उभरते हैं।

दिवाली के अन्य पर्व

दिवाली के अलावा भारत में अन्य कई पर्व भी मनाए जाते हैं। इनमें से एक है धनतेरस, जो दिवाली के आगे ही मनाया जाता है। इस दिन लोग धन और समृद्धि की देवी लक्ष्मी की पूजा करते हैं और नये धन की प्राप्ति का आशीर्वाद लेते हैं। दूसरा पर्व है भैया दूज, जिसे बहन अपने भाई के साथ मनाती हैं। इस दिन भाई बहन के प्यार और सम्मान का महसूस करते हैं।

संक्षेप में

दिवाली भारतीय उपमहाद्वीप का एक प्रमुख और प्रमाणिक त्योहार है। इसे हर साल नवंबर महीने की अंतिम चार दिनों तक मनाया जाता है। इस त्योहार को हर्षोल्लास, धूमधाम और रंग-बिरंगे दीपों के साथ मनाया जाता है। इसका महत्व धार्मिक, सामाजिक और सांस्कृतिक दृष्टिकोण से बहुत अधिक है। दिवाली के दिन लोग अपने घरों को सजाते हैं, उन्हें दीपों से सजाते हैं और उत्साहपूर्वक मिठाईयों का स्वाद लेते हैं। इस त्योहार के रंग-बिरंगे दीप, मिठाई और खाने का आनंद लोगों को खुशियों से भर देते हैं।

आपको दिवाली कब है के बारे में इस लेख में जानकारी मिली होगी। दिवाली के अवसर पर आप अपने परिवार और दोस्तों के साथ इसे धूमधाम से मनाएं और इस त्योहार की खुशियों को सभी के साथ बांटें। शुभ दीपावली!