Dashara Kab Hai

दशहरा, जिसे हिंदी में विजयादशमी के नाम से भी जाना जाता है, हिंदू धर्म के एक महत्वपूर्ण त्योहारों में से एक है। इस अवसर पर हम आपको यह बताएंगे कि दशहरा कब है और इसका महत्व क्या है। इस लेख में हम इसे विस्तार से जानेंगे और इस उत्सव की महत्वता को समझेंगे। साथ ही, हम आपको इस पर्व की कुछ महत्वपूर्ण जानकारियां भी देंगे जो आपको आपके परिवार और दोस्तों के साथ बांटने के लिए मददगार साबित होंगी।

दशहरा का महत्व

दशहरा हिंदू धर्म में एक प्रमुख त्योहार है जो असुरों के विनाश और देवी दुर्गा की विजय के अवसर को मनाने के लिए मनाया जाता है। यह त्योहार दशपहरे तिथि को मनाया जाता है जो अश्विन मास के शुक्ल पक्ष में पड़ती है। दशहरा के इस दिन मां दुर्गा के नौ रूपों की पूजा की जाती है और लोग अपने घरों को सजाते हैं। इसके अलावा, इस दिन रावण दहन के आयोजन किए जाते हैं जिसे देखने के लिए लोग उमड़ जाते हैं।

दशहरा के पीछे की कथा

दशहरा के पीछे की कथा हमारे शास्त्रों में मिलती है। इसकी कथा में देवी दुर्गा की लड़ाई राक्षस रावण के साथ बताई गई है। असुर रावण ने बड़े भयंकर तापस्या और व्रत करके ब्रह्मा से वर प्राप्त किए थे। इस वर के बाद उन्हें मरने का कोई अंत नहीं था, और वे अपनी चाहत के अनुसार निर्माण कर सकते थे। इस प्राप्त शक्ति का उपयोग करके, रावण ने अपनी दुराचारों को जमीन पर और स्वर्ग में फैलाने का प्रयास किया।

लोगों की खुशी के लिए और असुरों के विनाश के लिए, माता दुर्गा ने विष्णु भगवान की सहायता ली और उनके अवतार राम को जन्म दिया। भगवान राम ने रावण का वध किया और असुरों को पराजित किया। इस प्रकार, दशहरा देवी दुर्गा की विजय का प्रतीक है और हमें याद दिलाता है कि अच्छाई हमेशा बुराई को जीतती है।

दशहरा का आयोजन

दशहरा का आयोजन भारत भर में धूमधाम से मनाया जाता है। यह त्योहार भारतीय संस्कृति और परंपराओं का अहम हिस्सा है और इसे विभिन्न रूपों में मनाया जाता है। दशहरा के दिन लोग अपने घरों को सजाते हैं और दुर्गा माता की पूजा करते हैं। माता की मूर्तियों को अलंकृत किया जाता है और उन्हें भोग चढ़ाया जाता है।

दशहरा की रात को रामलीला का आयोजन किया जाता है, जिसमें भगवान राम की कथा प्रस्तुत की जाती है। इसके बाद रावण दहन की संगीतमयी रासलीला होती है जिसे लोग खूब आनंद लेते हैं। रावण दहन के दौरान रावण के पुतले को आग में जलाया जाता है और लोग खुशी के साथ झूलते हैं।

दशहरा का महत्व

हमारे देश में विजयादशमी या दशहरा का त्योहार बहुत महत्वपूर्ण है। इस दिन लोग अपने आपको दुर्गा माता की शक्ति से परिपूर्ण महसूस करते हैं और असुरों की जीत पर गर्व करते हैं। यह हमें याद दिलाता है कि हमेशा सत्य और धर्म की रक्षा करनी चाहिए।

दशहरा का त्योहार लोगों को एक साथ लाता है और उन्हें अपने रिश्तेदारों, दोस्तों, और पड़ोसियों के साथ समय बिताने का अवसर देता है। इस दिन लोग एक दूसरे को बधाई देते हैं और उपहार वितरित करते हैं। दशहरा के आयोजनों में खाने का आनंद, गीत और नृत्य, और खुशियों का बारिश होती है। यह एक उत्सवपूर्ण माहौल बनाता है और लोग आनंद के साथ मनाते हैं।

दशहरा कब है?

दशहरा त्योहार इस वर्ष 15 अक्टूबर, 2023 को मनाया जाएगा। यह त्योहार हर साल अश्विन मास के शुक्ल पक्ष की दशमी को मनाया जाता है। इस दिन लोग देवी दुर्गा की पूजा करते हैं और रावण दहन किया जाता है। दशहरा का यह त्योहार हर साल खुशियों का अवसर लेकर आता है और लोगों को एक दूसरे के साथ जोड़ता है।

इस बार दशहरा त्योहार का आयोजन बड़े धूमधाम से किया जाएगा। लोग अपने परिवार और दोस्तों के साथ इस त्योहार का आनंद उठाएंगे और खुशियों का बारिश करेंगे। इस दिन आप देवी दुर्गा की पूजा कर सकते हैं, रामलीला में शामिल हो सकते हैं, और रावण दहन के आयोजन को देख सकते हैं। इस दशहरा, अपने प्रियजनों के साथ खुशियों का आनंद लें और इस त्योहार को यादगार बनाएं।

संक्षेप में

दशहरा या विजयादशमी हिंदू धर्म का एक महत्वपूर्ण त्योहार है जिसे असुरों के विनाश और देवी दुर्गा की विजय का प्रतीक कहा जाता है। यह त्योहार हर साल अक्टूबर-नवम्बर माह में मनाया जाता है। दशहरा के दिन लोग दुर्गा माता की पूजा करते हैं और रावण दहन किया जाता है। इस त्योहार के आयोजन में लोग अपने परिवार और दोस्तों के साथ खुशियों का आनंद उठाते हैं। इस दशहरा, हमें यह याद रखना चाहिए कि सत्य और धर्म हमेशा बुराई को जीतते हैं और हमें उन्हें अपने जीवन में अपनाना चाहिए। इस त्योहार को आपके लिए खुशियों से भरपूर होने की कामना करते हैं।

धन्यवाद और शुभकामनाएं!